---Advertisement---

20 साल बहुत हुआ… अब तेजस्वी सरकार जरूरी ; पहले चरण की वोटिंग के बीच लालू यादव का सत्ता परिवर्तन संदेश

लालू, तेजस्वी और राबड़ी देवी
---Advertisement---

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। इस फेज में 18 जिले के 121 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। लगभग 3.75 करोड़ मतदाता, कुल 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। वोटिंग को लेकर राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने पटना में अपना वोट डालने के बाद एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

लालू यादव बोले – रोटी पलटनी ज़रूरी है, नहीं तो जल जाएगी। वोट डालने के बाद लालू प्रसाद यादव ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के साथ एक तस्वीर साझा की। तस्वीर में तीनों अपनी उंगली पर लगी स्याही दिखा रहे हैं।

लालू ने एक्स (X) पर लिखा,

 “तवा से रोटी पलटती रहनी चाहिए नहीं तो जल जाएगी। 20 साल बहुत हुआ! अब युवा सरकार और नए बिहार के लिए तेजस्वी सरकार अति आवश्यक है।”

लालू का यह पोस्ट सीधा सत्ता परिवर्तन के संदेश की ओर इशारा करता है। समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि “रोटी उलटते-पलटते रहो ताकि वह ठीक से पक सके। एक ही तरफ सिक रही रोटी जल जाती है।”

बदलाव और रोजगार के लिए वोट करेंः तेजस्वी

वोटिंग के दिन आरजेडी नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे तेजस्वी यादव ने भी मतदाताओं से अपील की। उन्होंने एक्स पर लिखा,

“बदलाव के लिए, नया बिहार बनाने के लिए, विकास के लिए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और विधि व्यवस्था के साथ-साथ नौकरी और रोजगार के लिए वोट करिए।”

तेजस्वी ने कहा कि बिहार अब युवाओं के हाथों में जिम्मेदारी सौंपने के लिए तैयार है।

3.75 करोड़ वोटर, 121 सीटों पर मुकाबला

पहले चरण में राज्य के कुल 38 जिलों में से 18 जिलों में मतदान हो रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, सभी मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। महिलाओं और युवाओं में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई जगह सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।

लालू के संदेश में ‘लोहिया का समाजवाद’ झलकता है

लालू यादव का “रोटी पलटने वाला” बयान केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की समाजवादी विचारधारा की पुनरावृत्ति के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. लोहिया के सिद्धांतों की तर्ज पर उन्होंने संकेत दिया कि सत्ता में परिवर्तन लोकतंत्र को जीवंत रखता है और समाज के निचले तबके के उत्थान के लिए ज़रूरी है।

बिहार चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच लालू प्रसाद यादव का यह संदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर एनडीए ‘विकास और स्थिरता’ की बात कर रही है, तो दूसरी ओर आरजेडी ‘परिवर्तन’ के नारे के साथ मैदान में है। आने वाले चरणों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस दिशा में “रोटी पलटने” का फैसला करती है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment