दिल्ली की जहरीली हवा के खिलाफ इंडिया गेट पर हुआ एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक विवाद में बदल गया, जब कुछ लोगों के हाथों में मारे गए टॉप माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा के पोस्टर दिखाई दिए। पिछले हफ्ते आंध्र प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर में ढेर किए गए हिड़मा को देश के सबसे वांछित उग्रवादियों में गिना जाता था।
पुलिस पर पेपर स्प्रे करने का दावा
रविवार देर शाम इंडिया गेट के सी-हेक्सागन में हुए इस प्रदर्शन का मकसद दिल्ली की बिगड़ती हवा और सरकार की “ऊपरी उपायों” के खिलाफ आवाज़ उठाना था। लेकिन माहौल तब बदल गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। दावा है कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पेपर स्प्रे भी किया। घटना का वीडियो वायरल होते ही मामला राजनीतिक रंग लेने लगा।
हिडमा का स्केच लिए दिखे प्रदर्शनकारी
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी हवा की खराब गुणवत्ता के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इन्हीं में से एक व्यक्ति के हाथ में हिड़मा का स्केच वाला पोस्टर दिखा, जिससे पुलिस और सरकार दोनों चौकन्ने हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन खत्म करवाया और सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें दिल्ली में प्रदर्शन के लिए सिर्फ जंतर-मंतर को अधिकृत जगह माना गया है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक करीब 15–20 लोगों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोपों की जांच चल रही है।
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मंत्री कपिल मिश्रा ने साधा निशाना
दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह “वामपंथी और चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश है।” उन्होंने X पर लिखा, ‘दिल्ली में कल हुए प्रोटेस्ट का सच देखिए। हाथ में पोस्टर पॉल्यूशन के नाम के मुंह में नारे लाल सलाम के जिहादी और नक्सलियों का नया मुखौटा। सोशल एक्टिविस्ट बनना दिल्ली ने ऐसी विचारधारा को मुंहतोड़ जवाब दिया है।’
पलूशन पर सरकारी उपाय दिखावटी और ऊपरी
उधर, प्रदर्शन आयोजित करने वाली दिल्ली कोऑर्डिनेशन कमिटी फॉर क्लीन एयर ने बयान जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ यह बताना था कि सरकार के उपाय “ऊपरी” और “दिखावटी” हैं। समूह का कहना है कि पानी का छिड़काव, कृत्रिम वर्षा और तात्कालिक उपाय दिल्ली की जहरीली हवा को रोकने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। उनका दावा है कि जहरीली हवा अब “सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला” बन चुकी है।
समूह ने यह भी आरोप लगाया कि जब लोग पर्यावरण और विकास मॉडल पर सवाल उठाते हैं, तो सरकार असहमति को दबाने की कोशिश करती है, चाहे वह हिरासत, पूछताछ या प्रतिबंधों के जरिए हो।
दिल्ली में हवा जहरीली, पहले भी हुए प्रदर्शन
दिल्ली में यह इस महीने दूसरा बड़ा प्रदर्शन था। इससे पहले 8 नवंबर को भी विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट तक मार्च निकालकर सरकार से कारगर नीति की मांग की थी, जब कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच गया था।
सोमवार को भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। दिल्ली का AQI 397 दर्ज हुआ, जबकि 39 में से 20 मॉनिटरिंग स्टेशन “severe” श्रेणी में रहे। नोएडा में हालात इससे भी खराब थे, जहाँ AQI 413 तक पहुँच गया।
दिल्ली में हवा की लड़ाई तो जारी है, लेकिन हिड़मा के पोस्टर ने इस मुद्दे को पर्यावरण से कहीं आगे सुरक्षा, राजनीति और चरमपंथ की बहस में ला खड़ा किया है।







