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धर्मेंद्र का फिल्मी सफर: बॉलीवुड के He-Man की डेब्यू से ढलान तक की सिनेमाई कहानी

Bollywood's famous actor Dharmendra's film journey
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धर्मेंद्र की फिल्मों की लिस्ट: बॉलीवुड के सबसे मशहूर सितारों में से एक, जाने-माने एक्टर धर्मेंद्र ने 89 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। धर्मेंद्र को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में सबसे सफल एक्टर में से एक माना जाता है। उन्होंने अमिताभ बच्चन जैसे अपने समय के एक्टर्स या शाहरुख खान जैसे अपने बाद के एक्टर्स से भी ज़्यादा हिट फिल्में दी हैं।

धर्मेंद्र ने ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से किया डेब्यू
धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल का जन्म लुधियाना के नसराली में हुआ था। अपनी जवानी के दिनों में धर्मेंद्र को सिल्वर स्क्रीन ने अपनी तरफ खींचा। उनकी किस्मत और काबीलियत ने उनके दिन तब बदल दिए, जब उन्होंने साल 1958 में फिल्मफेयर का पहला टैलेंट हंट जीता। इसके अगले दो साल बाद यानी 1960 में उन्होंने डेब्यू किया। तब धर्मेंद्र की उम्र महज 25 साल थी। उन्होंने डायरेक्टर अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से एक्टिंग में डेब्यू किया था।

धर्मेंद्र को डेब्यू से नहीं मिली पहचान, लेकिन…
हालांकि उनकी पहली फिल्म पर किसी का खास ध्यान नहीं गया, लेकिन धर्मेंद्र को अपनी पहली सफलता पाने के लिए ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ा। उनकी दूसरी फ़िल्म, रमेश सहगल की ‘शोला और शबनम’ थी। इसमें उन्होंने लीड रोल किया था। यह फिल्म कमर्शियल तौर पर सक्सेस रही। इसके बाद उन्होंने मोहन कुमार की ‘अनपढ़’ और बिमल रॉय की ‘बंदिनी’ में काम किया। बंदिनी ने हिंदी में बेस्ट फ़ीचर फ़िल्म का नेशनल अवॉर्ड भी जीता। इसके बाद उन्होंने ‘आई मिलन की बेला’ में काम किया और जबरदस्त सफलता ने उन्हें एक सफल एक्टर के तौर पर मशहूर कर दिया।

शर्टलेस का ट्रेंड और फिर बने He-Man
आज के फिल्मी दौर में एक्टर्स का शर्ट उतारना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जिस दौर में धर्मेंद्र फिल्में बना रहे थे, तब ऐसा करना बड़ी बात थी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में शर्टलेस होने का ट्रेंड शुरू किया, जो आज भी बरकरार है। ये फिल्में थीं- फूल और पत्थर (1966) और धरम वीर (1977)। धर्मेंद्र ने जल्द ही एक्शन किंग और ही-मैन का टाइटल हांसिल कर लिया।

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एक्शन हीरो और शोले ने दिलाई अलग पहचान
1970 के दशक में और भी किरदार उभर रहे थे, लेकिन धर्मेंद्र का जादू कम नहीं हुआ। उन्होंने राज कपूर की महान कृति मेरा नाम जोकर में सर्पोटिंग रोल निभाया। इस बीच, मेरा गाँव मेरा देश की ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें एक एक्शन हीरो के तौर पर इंडस्ट्री में जमा दिया।

साल 1975 में धर्मेंद्र ने अब तक की सबसे मशहूर भारतीय फिल्म ‘शोले’ में काम किया। जय और वीरु की जोड़ी के किस्से आज भी बरकरार हैं। रमेश सिप्पी की ‘शोले’ में उन्होंने संजीव कुमार, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन, जया भादुड़ी और अमजद खान के साथ स्क्रीन शेयर की।

प्रकाश कौर के रहते हुए हेमा से शादी और विवाद
1970 के दशक में ही धर्मेंद्र के साथ-साथ हेमा मालिनी का जादू भी दिखाई देने लगा था। दोनों अपने करियर में सुपरस्टारडम हासिल कर चुके थे। आखिरकार इन लोगों ने शादी की और ये जोड़ी आइकॉनिक ऑन स्क्रीन जोड़ी बन गई। वे दोनों जब भी किसी फिल्म में साथ आते, तो धमाल मच जाता था।

अब तक धर्मेंद्र जबरदस्त शोहरत बटोर चुके थे। हेमा से शादी तो हो गई, लोग पसंद भी कर रहे थे, लेकिन वो बहुत जल्द विवादों में भी घिर गए। क्योंकि धर्मेंद्र पहले से ही शादीशुदा थे। उनके सनी देओल और बॉबी देओल सहित 4 बच्चे भी थे। हेमा के साथ शादी ने खूब विवाद पैदा किया, आखिरकार इनकी दो बेटियां हुईं- ईशा देओल और अहाना देओल।

उतार-चढ़ाव और फिर फीकी पड़ने लगी चमक
1980 के दशक में उनके करियर में उतार-चढ़ाव आया, क्योंकि उनकी सभी फिल्में सफल नहीं रहीं। उनकी कुछ फिल्में, जैसे आज़ाद और दिल्लगी, कमर्शियली सफल रहीं, लेकिन शालीमार और फंदेबाज जैसी फिल्में दर्शकों का ध्यान खींचने में नाकाम रहीं। यहां तक ​​कि रवि चोपड़ा की डायरेक्ट की हुई उनकी बहुत ज़्यादा इंतज़ार की जा रही एक्शन थ्रिलर, द बर्निंग ट्रेन भी बड़ी सफलता हासिल करने में नाकाम रही।

हालांकि, उनका स्टारडम कम नहीं हुआ, क्योंकि वह फ्लॉप के साथ-साथ हिट फिल्में भी देते रहे। देखा जाए तो धर्मेंद्र की पॉपुलेरिटी 1980 के दशक तक बनी रही। फिर आया नए एक्टर्स की अगली पीढ़ी का जमाना, जहां ही-मैन अपनी पहचान खोते हुए दिखाई दिए। इस तरह 1990 के दशक में धर्मेंद्र का स्टारडम कम होने लगा था।

फिर से चमकने की कोशिश और लाए नया दौर
हालाँकि शुरू में वह बदलते समय को स्वीकार करने में झिझक रहे थे और उन्होंने कुछ फ्लॉप फ़िल्में भी दीं, लेकिन फिर धर्मेंद्र ने युवा पीढ़ी के लिए खुद को नए सिरे से बनाया। उन्होंने अनुराग बसु की ‘लाइफ इन ए… मेट्रो’ में एक रोमांटिक हीरो का रोल किया, जो बुढ़ापे में प्यार को फिर से खोजता है।

धर्मेंद्र एक खोए हुए लवर थे, जो करण जौहर की ‘रॉकी रानी की प्रेम कहानी’ में आज के ज़माने के रोमांस के गाइड थे। उन्होंने अपने बेटों बॉबी और सनी के साथ पूरी ‘यमला पगला दीवाना’ सीरीज़ में स्लैपस्टिक कॉमेडी करके अपना करियर बढ़ाया। उनकी आखिरी स्क्रीन अपीयरेंस कृति सनोन और शाहिद कपूर के साथ ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में थी।

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