हरियाणा के रोहतक में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां प्रैक्टिस के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से 16 साल के नेशनले लेवल के खिलाड़ी की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 10 बजे लखन माजरा गांव के स्पोर्ट्स ग्राउंड में हुई। हादसे का पूरा वीडियो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि दो दिनों के भीतर राज्य के अंदर इस तरह का दूसरा मामला सामने आया है।
खिलाड़ी के सीने पर गिरा लोहो का ढांचा, मौत
जानकारी के अनुसार, खिलाड़ी ग्राउंड में अकेले बास्केटबॉल की प्रैक्टिस कर रहा था। फुटेज में दिखता है कि वह कोर्ट के एक छोर से दौड़ता हुआ आता है और डंक शॉट लगाने के लिए रिंग तक छलांग लगाता है। जैसे ही वह पोल से लटककर मूव पूरा करता है, अचानक पूरा आयरन स्ट्रक्चर ढह जाता है। गिरते हुए पोल का रिंग वाला हिस्सा सीधे खिलाड़ी के सीने पर आ गिरता है।
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य खिलाड़ी, जो शायद उसके साथी थे- भागकर उसकी ओर आते दिखाई देते हैं। वीडियो में यह भी दिखता है कि घायल खिलाड़ी खुद उठने की कोशिश कर रहा है, जबकि बाकी लोग पोल को हटाने की कोशिश करते हैं। खिलाड़ी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृत खिलाड़ी ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर हरियाणा का नाम रोशन किया था। वह 47वीं सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप (कांगड़ा), 49वीं सब-जूनियर चैंपियनशिप (हैदराबाद) और 39वीं यूथ नेशनल चैंपियनशिप (पुदुचेरी) में मेडल जीत चुका था।
इससे पहले भी एक खिलाड़ी की हुई थी मौत
घटना के बाद हरियाणा में स्पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खास बात यह है कि ऐसा दूसरा हादसा दो दिनों के भीतर राज्य में सामने आया है। दो दिन पहले बहादुरगढ़ के होशियार सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में भी इसी तरह की घटना हुई थी। वहां 15 वर्षीय खिलाड़ी प्रैक्टिस कर रहा था तभी बास्केटबॉल पोल गिर गया। उसे भी पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
लगातार दो घटनाओं ने न केवल खेल सुविधाओं की हालत पर सवाल उठाए हैं, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की बड़ी लापरवाही को भी उजागर किया है। स्थानीय खिलाड़ियों और अभिभावकों ने मांग की है कि सरकार तुरंत सभी खेल परिसर और उपकरणों की सुरक्षा जांच कराए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।







