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गाजियाबाद में स्कूटी छूने का विवाद हुआ हिंसक, 14-15 दबंगों ने घर आकर पीटा, बोले- वीडियो पुलिस को दिखाई, तो जिंदा गाड़ देंगे

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गाजियाबाद के चिपियाना बुजुर्ग इलाके में मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। राम-श्याम गार्डन कॉलोनी निवासी अवधेश कुमार पर कथित तौर पर 14-15 लोगों ने घर के बाहर हमला कर दिया। इस मारपीट में अवधेश के सिर पर गंभीर चोट आई है। घटना के बाद से वह 11 मई की रात से अस्पताल में भर्ती हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस को रिश्वत देकर मामला दबाने की कोशिश की, जिसके चलते एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिवार का यह भी आरोप है कि एनसीआर में 15 हमलावरों की जगह सिर्फ तीन लोगों का जिक्र किया गया।

स्कूटी निकालने को लेकर शुरू हुआ विवाद

अवधेश कुमार की पत्नी प्रियंका गुप्ता के मुताबिक, उनके पति बच्चों को स्कूटी से अपनी बहन के घर छोड़ने जा रहे थे। गली के मोड़ पर चार-पांच लोग खड़े थे। कई बार हॉर्न देने के बावजूद वे रास्ते से नहीं हटे। इसी दौरान स्कूटी हल्की सी एक व्यक्ति से टच हो गई। प्रियंका का कहना है कि अवधेश ने तुरंत माफी मांग ली थी, लेकिन वहां मौजूद एक व्यक्ति ने गुस्से में घूंसा मार दिया, जो उनकी बेटी और भांजी को लगा।

‘सॉरी’ बोलने के बाद भी नहीं रुके आरोपी

अवधेश की भांजी ने बताया कि मामा ने माफी मांगते हुए स्कूटी आगे बढ़ा दी थी, लेकिन इसके बाद भी वहां मौजूद लोग गाली-गलौज और मारपीट पर उतर आए। उसने बताया कि उसे भी जोरदार घूंसा मारा गया। जब अवधेश ने कहा कि उन्होंने माफी मांग ली है और किसी को चोट भी नहीं लगी, फिर मारपीट क्यों की जा रही है, तो विवाद और बढ़ गया। इसके बाद परिवार के लोग चिल्लाते हुए घर की ओर भागे और आसपास के लोगों को बुलाया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

वीडियो पुलिस को दिखाई, तो जिंदा गाड़ दूंगा।

पड़ोसियों के अनुसार, मामला शांत होने के कुछ समय बाद करीब 14-15 लोग लाठी-डंडे लेकर दोबारा आए और अवधेश कुमार पर हमला कर दिया। इस दौरान उनकी पत्नी प्रियंका गुप्ता, बेटी मन्नत गुप्ता और एक पड़ोसी महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने मारपीट जारी रखी।

स्थानीय निवासी विकास घटना का वीडियो बना रहे थे। आरोप है कि तभी एक हमलावर ने उन्हें धमकाते हुए कहा, “अगर वीडियो पुलिस को दिखाई, तो जिंदा गाड़ दूंगा।” इस लिंक पर क्लिक करके देखें वीडियो।

पुलिस पर गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी आकाश शर्मा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर केस को दबाने की कोशिश की। प्रियंका गुप्ता का कहना है कि घटना वाली रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और मारपीट का वीडियो देखने तक को तैयार नहीं हुई।

परिवार के मुताबिक, विसरख थाने में आकाश शर्मा और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज की गई है, जबकि हमला करने वालों की संख्या 14-15 थी। फिलहाल अवधेश कुमार अस्पताल में भर्ती हैं और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

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