बिहार में नई एनडीए सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक के तुरंत बाद भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने गृह मंत्री का कार्यभार ग्रहण किया। यह पहली बार ऐसा हुआ है जब लगभग दो दशक के बाद गृह विभाग अब किसी गैर मुख्यमंत्री को सौंपा गया है। 2005 से अब तक यह विभाग लगातार नीतीश कुमार के नियंत्रण में रहा था। 2025 में लिया गया यह फैसला सत्ता समीकरणों में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
लॉ एंड ऑर्डर को लेकर कोताही बर्दाश्त नहीं: सम्राट
पदभार ग्रहण करते ही सम्राट चौधरी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉ एंड ऑर्डर को लेकर किसी भी स्तर पर कोताही नहीं चलेगी। 1972 के बाद यह पहला अवसर है जब किसी गैर-मुख्यमंत्री को बिहार का गृह विभाग सौंपा गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस: एंटी-रोमियो स्क्वॉड और पिंक पुलिस तैनात
गृह मंत्री ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की घोषणा की। मुख्य निर्देश इस प्रकार रहे—
- यूपी की तर्ज पर एंटी-रोमियो स्क्वॉड गठित किया जाएगा।
- स्कूल-कॉलेज के छुट्टी समय पर पिंक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित होगी।
- किसी भी तरह की छेड़खानी की शिकायत पर सीधी और त्वरित कार्रवाई होगी।
सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी—
अगर किसी महिला से छेड़खानी की घटना हुई तो आरोपी ही नहीं, बल्कि लापरवाही करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी होगी कार्रवाई
डिजिटल अपराधों पर रोक लगाने के लिए सम्राट चौधरी ने व्यापक अभियान की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा, भड़काऊ कंटेंट, अश्लील फोटो-वीडियो पोस्ट करने वालों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेताया कि इस तरह की गतिविधियों को हर स्तर पर सख्ती के साथ रोका जाएगा। जेल प्रशासन को भी साफ संदेश दिया गया है—जेल में मोबाइल मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। साथ ही, डॉक्टर की अनुमति के बिना किसी कैदी को बाहर से भोजन भेजने पर प्रतिबंध रहेगा।
400 माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की तैयारी
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने—
बालू, शराब और भूमि माफियाओं के करीब 400 कुख्यात अपराधियों की सूची तैयार की है, जिनकी संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी। दो माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की अनुमति कोर्ट से मिल चुकी है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा सुनिश्चित की जाएगी, और अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को किसी कीमत पर सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यभार संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर चौधरी ने राज्य के पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठक में इन मुद्दों पर सुझाव सामने आए—
- अपराध नियंत्रण
- जेल व्यवस्था की निगरानी
- स्पेशल कोर्ट की संख्या बढ़ाना
- आर्म्स एक्ट के मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करना
उन्होंने कहा कि सभी व्यावहारिक सुझावों को लागू किया जाएगा, और पुलिस संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
सुशासन और कानून का चलेगा राज
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन को और प्रभावी बनाया जाएगा। यूपी मॉडल की चर्चा पर उन्होंने कहा—
“बिहार अपना मॉडल भी उतनी ही मजबूती के साथ लागू करेगा।”







