Reshmi Raj

रेशमी राज ने भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। बिहार की रहने वाली रेशमी को समाज, संस्कृति पर लिखने का शौक है। वह समय-समय पर संबंधित विषयों पर अपनी कलम चलाती रहती हैं।

प्रकृति प्रेम, लोक जीवन और आस्था का अनूठा संगम है महापर्व छठ

केलवा के पात पर उगे लन सुरुजमल झांके झुकेके करेलू छठ बरतिया से झांके झुके शारदा सिन्हा की ये लाइनें कानों में गूंजते ही ...