बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लगातार उठा-पटक जारी है। मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से मामला और गरमाया हुआ है। भ्रष्टाचार, हत्या और सरकार द्वारा एक्शन न लेने के आरोपों के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा- चुनाव आयोग मर गया है क्या?
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा- नाम दर्ज एफआईआर होता है, फिर भी प्रचार-प्रसार में थाने के आगे से आरोपी गुजरता है। बंदूक गोली लेकर, चालीस-चालीस गाड़ियों के काफिले के साथ गुजरता है। हत्या हुई है, लेकिन किसी एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने बरसते हुए कहा– कहां है चुनाव आयोग? चुनाव आयोग मर गया है क्या? क्या चुनाव आयोग का कानून केवल विपक्षी लोगों के लिए है। तेजस्वी ने सवाल करते हुए कहा- सत्ता पक्ष के लिए क्या कानून नहीं है। चाहे वो हत्या करे, रंगदारी करे, कुछ भी करे। कोई कानून नहीं रह गया है।
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अपराधी बेलगाम हो गए हैं। सत्ता में बैठे लोग संरक्षण दे रहे हैं। ये स्पष्ट हो गया है। अब तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है। चुनाव आयोग कहां गायब है? चुनाव के बीच 10-10 हजार रुपये बांटा जा रहा है। एएसआई और विपक्षी दलों के नेताओं की हत्या कर दी जा रही है। चुनाव आयोग कहीं नजर नहीं आ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी अपने समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार कर रहे थे। उनके साथ दुलारचंद यादव भी मौजूद थे। इसी रास्ते से अनंत सिंह भी अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। तभी दोनों पार्टियों के समर्थक एक-दूसरे से टकरा गए।
टकराहट में तीखापन आया और मामला मारपीट, लाठी-डंडो और ईंट-पत्थर के चलने तक पहुंच गया। इसी बीच दुलारचंद यादव की गोली लगने से मौत हो गई। आपको बताते चलें कि इस मामले में दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में जेडीयू के प्रत्याशी और बाहुबली नेता और पर्व विधायक अनंत सिंह फंस गए हैं। उनके ऊपर दुलारचंद की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उन्हें इस हत्या के मामले में नामजद आरोपी बनाया है।







