कर्नाटक में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की भाजपा इकाई ने मांग की है कि मतदाता सूची की शुद्धिकरण प्रक्रिया को बिहार मॉडल की तरह व्यापक और सख्त बनाया जाए। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया है कि राजधानी बेंगलुरु में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रह रहे हैं, जो वैध नागरिक नहीं हैं।
अशोक का दावा है कि शहर में करीब तीन लाख अवैध बांग्लादेशी प्रवासी मौजूद हो सकते हैं, और यह स्थिति मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (ट्विटर) पर अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार “अवैध प्रवासियों को संरक्षण” देकर उन्हें वोट बैंक में बदल रही है। उनके अनुसार, यही वजह है कि कांग्रेस मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विरोध कर रही है। उन्होंने लिखा है कि –
“कर्नाटक में भी मतदाता सूची का संशोधन ज़रूरी है। यह संदेह गहराता जा रहा है कि सिर्फ़ बेंगलुरु में ही लगभग तीन लाख अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिये रह रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इन अवैध प्रवासियों को अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है, इसलिए वह मतदाता सूची में संशोधन का विरोध कर रही है। कर्नाटक में भी बिहार मॉडल की तर्ज पर मतदाता सूची का व्यापक और सख्ती से पुनरीक्षण होना चाहिए।”
सरकार का काम वोट बैंक बनाना है, राज्य चलाना नहीं
बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता अशोक ने दावा किया कि-
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“कांग्रेस के दो साल छह महीने के कार्यकाल में किसानों की स्थिति भयावह हो गई है।”
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“सरकार का पूरा जोर दिल्ली यात्राओं और राजनीतिक रस्मों पर है- सिद्धरमैया के घर नाश्ता, डी.के. शिवकुमार के घर रात का खाना… बस यही सब हो रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार प्रशासनिक स्तर पर फेल हो चुकी है और उसका सीधा असर सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ा है।
आलमाटी जलाशय, तुंगभद्रा बांध और पानी का संकट-भाजपा के आरोप
भाजपा नेता ने सरकार की जल प्रबंधन नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि-
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आलमाटी जलाशय में पानी सही तरीके से संग्रहित नहीं किया गया, जिससे किसान दूसरी फसल बोने का मौका खो बैठे।
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तुंगभद्रा बांध के गेटों की मरम्मत “कछुआ चाल” से हो रही है।
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कर्नाटक का पानी आंध्र प्रदेश की ओर बह रहा है और सरकार “देखती रह गई।”
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि किसान फसल हानि, लागत बढ़ने और समर्थन मूल्य न मिलने जैसी त्रासदियों का सामना कर रहे हैं।
27–28 नवंबर को सभी विधानसभा क्षेत्रों में उतरेगी भाजपा
भाजपा ने घोषणा की कि 27 और 28 नवंबर को राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार की “किसान विरोधी नीतियों” के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद 1 और 2 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर दूसरा चरण चलेगा।
इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस सरकार किसानों के साथ धोखा’ शीर्षक से पोस्टर जारी किया और एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की, जिसमें उन्होंने सरकार की कथित “किसान-विरोधी” नीतियों को दिखाया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार विपक्ष द्वारा यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है जब-
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राज्य में नगर निकाय चुनावों की तैयारी हो रही है,
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और मतदाता सूची में संशोधन की मांग राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
विशेष रूप से, “अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों” का मुद्दा भाजपा पहले भी बंगाल, असम और दिल्ली में उठा चुकी है।







